{"product_id":"katyayani-tyson-trichoderma-viride-liquid-bio-fungicide","title":"कात्यायनी टायसन | ट्राइकोडर्मा विरिडी | जैव फफूंदनाशी लिक्विड","description":"\u003cp\u003e\u003ciframe width=\"560\" height=\"315\" src=\"https:\/\/www.youtube.com\/embed\/qG1AstXUDZg\" title=\"YouTube video player\"\u003e\u003c\/iframe\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eउत्पाद के बारे में:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003eकात्यायनी टायसन ट्राइकोडर्मा विराइड आधारित जैव फफूंदनाशी है।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंद की कोशिका भित्ति को विघटित कर रोगों को नियंत्रित करता है।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eविल्ट, रॉट, ब्लाइट, डैम्पिंग ऑफ जैसी बीमारियों पर प्रभावी।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eदलहन, मिर्च, धान, अनाज, फल एवं सब्जियों में प्रयोग के लिए उपयुक्त।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eतकनीकी विवरण:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003eतकनीकी घटक: ट्राइकोडर्मा विराइड\u0026nbsp;लिक्विड\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eप्रवेश विधि: संपर्क\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eक्रिया विधि: निवारक एवं उपचारात्मक\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eमुख्य विशेषताएँ एवं लाभ:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003eविस्तृत स्पेक्ट्रम सुरक्षा: विभिन्न प्रकार के मिट्टी जनित फफूंद रोगों पर प्रभावी।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eफफूंद वृद्धि के चरण पर प्रभावी: मायसेलियल वृद्धि और बीजाणु निर्माण को रोकता है।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eफाइटोटॉनिक प्रभाव: जड़ वृद्धि को बढ़ाता है और पौधों को स्वस्थ बनाता है।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eपर्यावरण अनुकूल: मृदा के लाभकारी जीवाणुओं के लिए सुरक्षित।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eफाइटोटॉक्सिसिटी: अनुशंसित खुराक पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eलक्षित फसलें एवं रोग:\u003c\/h2\u003e\n\u003ctable\u003e\n\u003ctbody\u003e\n\u003ctr\u003e\n\u003ctd\u003e\n\u003cp\u003eफसलें\u003c\/p\u003e\n\u003c\/td\u003e\n\u003ctd\u003e\n\u003cp\u003eलक्षित रोग\u003c\/p\u003e\n\u003c\/td\u003e\n\u003ctd\u003e\n\u003cp\u003eखुराक \/ एकड़\u003c\/p\u003e\n\u003c\/td\u003e\n\u003ctd\u003e\n\u003cp\u003eप्रति लीटर पानी में खुराक\u003c\/p\u003e\n\u003c\/td\u003e\n\u003c\/tr\u003e\n\u003ctr\u003e\n\u003ctd\u003e\n\u003cp\u003eमिर्च, अरहर, दलहन, लोबिया, चना, धान, फूलगोभी, बैंगन, पत्ता गोभी, टमाटर, सूरजमुखी\u003c\/p\u003e\n\u003c\/td\u003e\n\u003ctd\u003e\n\u003cp\u003eविल्ट, रूट रॉट, डैम्पिंग ऑफ, शीथ ब्लाइट, स्टॉक रॉट, कॉलर रॉट, सीडलिंग विल्ट, सीड रॉट\u003c\/p\u003e\n\u003c\/td\u003e\n\u003ctd\u003e\n\u003cp\u003e1-2 लीटर\u003c\/p\u003e\n\u003c\/td\u003e\n\u003ctd\u003e\n\u003cp\u003e5-10 मि���ी\u003c\/p\u003e\n\u003c\/td\u003e\n\u003c\/tr\u003e\n\u003c\/tbody\u003e\n\u003c\/table\u003e\n\u003ch2\u003eट्राइकोडर्मा विराइड की कार्यप्रणाली:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eप्रतिस्पर्धा\u003c\/strong\u003e: पौधों की जड़ों में स्थान और पोषक तत्वों के लिए हानिकारक फफूंद से प्रतिस्पर्धा करता है।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eप्रतिजीविता\u003c\/strong\u003e: हानिकारक फफूंद को मारने वाले रसायन उत्पन्न करता है।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eपरजीवीकरण\u003c\/strong\u003e: फफूंद की कोशिका भित्ति को तोड़कर उसे नष्ट करता है।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eप्रेरित प्रतिरोध\u003c\/strong\u003e: पौधों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बीमारियों से बचाव करता है।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eआवेदन विधि एवं खुराक:\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eफोलियर स्प्रे\u003c\/strong\u003e: 5-10 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर शाम के समय पत्तियों के दोनों ओर छिड़काव करें।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eमृदा ड्रेंचिंग\u003c\/strong\u003e: 1-2 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ भूमि में डालें।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eबीज उपचार:\u003c\/strong\u003e 8-10 मिली प्रति किग्रा बीज को 50 मिली पानी में मिलाकर अच्छी तरह से कोट करें और छाया में सुखाकर बुवाई करें।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eबीज डिप उपचार:\u003c\/strong\u003e 500 मिली को 50 लीटर पानी में घोलकर 30 मिनट के लिए डुबोएं, फिर रोपाई करें।\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eनर्सरी उपचार\u003c\/strong\u003e: 500 मिली को 10 किग्रा जैविक खाद में मिलाकर प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003ch2\u003eअतिरिक्त जानकारी:\u003c\/h2\u003e\n\u003cp\u003eभंडारण एवं संभाल: इसे ठंडी, सूखी जगह पर सीधी धूप से दूर रखें।\u003c\/p\u003e\n\u003ch2\u003eट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी से सम्बंधित प्रश्न\u003c\/h2\u003e\n\u003ch3\u003eQ. ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी के मुख्य लक्षित रोग कौन-से हैं?\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी बीज और मिट्टी जनित बीमारियाँ जैसे डैम्पिंग ऑफ, जड़ सड़न, विल्ट और कई अन्य बीमारियों को लक्षित करके अत्यंत प्रभावी रूप से नियंत्रण करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eQ. मिर्च में डैम्पिंग ऑफ रोग को नियंत्रित करने के लिए सबसे अच्छी फफूंदनाशी दवाई कौन-सी है?\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eA. ट्राइकोडर्मा विरिडी अनुशंसित फफूंदनाशी में से एक है जो मिर्च की फसलों में डैम्पिंग ऑफ रोग के खिलाफ नियंत्रण करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eQ. ट्राइकोडर्मा विरिडी की क्रिया विधि अन्य फफूंदनाशी से बेहतर क्यों है?\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eA. ट्राइकोडर्मा विरिडी एंटीफंगल गुणों द्वारा रोगजनक फफूंदी को मारता है और पौधों को फफूंद रोगों के प्रति प्रतिरोधी बनाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eQ. ट्राइकोडर्मा विरिडी लिक्विड का डोज क्या है?\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eA. ट्राइकोडर्मा विरिडी का न्यूनतम डोज लगभग 1-2 लीटर एकड़ है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eQ. ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी की कीमत क्या है?\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eA. 1 लीटर ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी की कीमत करीब 487 रुपये है।\u003c\/p\u003e","brand":"Katyayani Organics","offers":[{"title":"5 L ( 5 L x 1 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