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कात्यायनी सॉइल प्राइम | फ्लुओपाइरम 34.48% SC | नेमाटिसाइड
कात्यायनी सॉइल प्राइम | फ्लुओपाइरम 34.48% SC | नेमाटिसाइड
Product Description
उत्पाद के बारे में :
सॉइल प्राइम एक अत्यधिक प्रभावी नेमेटीसाइड है, जिसमें फ्लुओपाइरम 34.48% एससी होता है। यह विशेष रूप से सब्जी फसलों में जड़-गाँठ सूत्रकृमि (मेलोइडोगाइन इनकोग्निटा) के नियंत्रण के लिए विकसित किया गया है। यह जड़ क्षेत्र (रूट ज़ोन) पर कार्य करके लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है, संक्रमण को कम करता है तथा जड़ों के स्वास्थ्य, पोषक तत्वों के अवशोषण और समग्र उपज में सुधार करता है। सॉइल प्राइम का उपयोग मृदा सिंचन या ड्रिप सिंचाई के माध्यम से किया जा सकता है और यह रोपाई से पहले तथा रोपाई के बाद दोनों अवस्थाओं में उपयुक्त है।
तकनीकी जानकारी
- तकनीकी नाम: फ्लुओपाइरम 34.48% एससी
- फॉर्मुलेशन प्रकार: सस्पेंशन कंसन्ट्रेट (एससी)
कार्य विधि :
फ्लुओपाइरम नेमाटोड की कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रियल श्वसन प्रक्रिया को अवरुद्ध करता है। यह ऊर्जा उत्पादन को रोक देता है, जिससे नेमाटोड लकवाग्रस्त हो जाते हैं और अंततः मर जाते हैं। इस प्रकार यह जड़ क्षेत्र में प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है।
लक्षित कीट :
- जड़-गाँठ सूत्रकृमि (मेलोइडोगाइन इनकोग्निटा)
अनुशंसित फसलें :
- टमाटर, खीरा एवं अन्य सब्जी फसलें
मुख्य विशेषताएँ एवं लाभ :
- जड़-गाँठ सूत्रकृमि (मेलोइडोगाइन इनकोग्निटा) का प्रभावी नियंत्रण।
- फ्लुओपाइरम का प्रणालीगत संचरण जड़ क्षेत्र में गहराई तक सुरक्षा प्रदान करता है।
- कोशिका स्तर पर कार्य कर नेमाटोड के चयापचय को बाधित करता है और पुनः संक्रमण को रोकता है।
- जड़ों द्वारा शीघ्र अवशोषण, जिससे नेमाटोड की सक्रियता तुरंत कम होती है।
- ड्रिप सिंचाई प्रणाली के साथ संगत, जिससे सटीक और प्रभावी उपयोग संभव।
खुराक :
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फसल |
कीट |
मात्रा (मि.ली./एकड़) |
पानी (लीटर/एकड़) |
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टमाटर |
जड़-गाँठ सूत्रकृमि (मेलोइडोगाइन इनकोग्निटा) |
253 मि.ली. (2 बार) / 506 मि.ली. (1 बार) |
405 लीटर |
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खीरा |
जड़-गाँठ सूत्रकृमि (मेलोइडोगाइन इनकोग्निटा) |
253 मि.ली. (2 बार) / 506 मि.ली. (1 बार) |
405 लीटर |
प्रयोग विधि: मृदा सिंचन / ड्रिप सिंचाई
नोट: खुराक का उपयोग हमेशा निर्धारित पानी की मात्रा के अनुसार ही करें। अधिक जानकारी एवं उचित मार्गदर्शन के लिए कृषि विशेषज्ञ (एग्रोनॉमिस्ट) से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र.1: सॉइल प्राइम किसके लिए उपयोग किया जाता है?
उ. सॉइल प्राइम टमाटर और खीरा जैसी फसलों में जड़-गाँठ सूत्रकृमि (मेलोइडोगाइन इनकोग्निटा) के नियंत्रण के लिए उपयोग किया जाता है।
प्र.2: सॉइल प्राइम कैसे कार्य करता है?
उ. यह नेमाटोड की ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया को रोकता है, जिससे वे लकवाग्रस्त होकर मर जाते हैं।
प्र.3: क्या इसे ड्रिप सिंचाई के माध्यम से दिया जा सकता है?
उ. हाँ, सॉइल प्राइम ड्रिप सिंचाई और मृदा सिंचन दोनों के लिए उपयुक्त है।
प्र.4: सॉइल प्राइम का उपयोग कब करना चाहिए?
उ. इसे रोपाई से पहले या रोपाई के बाद प्रारंभिक अवस्था में उपयोग करना सर्वोत्तम रहता है।
प्र.5: क्या यह फसल की उपज बढ़ाता है?
उ. हाँ, जड़ों को नेमाटोड क्षति से बचाकर यह पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करता है और उपज व गुणवत्ता बढ़ाता है।


