Katyayani Organics
कात्यायनी टायसन | ट्राइकोडर्मा विरिडी 1.5% WP | जैव फफूंदनाशी पाउडर
कात्यायनी टायसन | ट्राइकोडर्मा विरिडी 1.5% WP | जैव फफूंदनाशी पाउडर
Product Description
उत्पाद के बारे में:
- कात्यायनी टायसन ट्राइकोडर्मा विराइड (1.5%) आधारित गीला पाउडर (WP) फॉर्मूलेशन है।
- यह मृदा जनित फफूंदजनित रोगों जैसे कि विल्ट, रॉट, ब्लाइट, और डैम्पिंग ऑफ को प्रभावी रूप से नियंत्रित करता है।
- ट्राइकोडर्मा विराइड फफूंद की कोशिका भित्ति को विघटित करके संक्रमण को रोकता है।
तकनीकी विवरण:
- तकनीकी घटक: ट्राइकोडर्मा विराइड 1.5% WP
- प्रवेश का तरीका: संपर्क
- क्रिया विधि: निवारक और उपचारात्मक
मुख्य विशेषताएँ एवं लाभ:
- विस्तृत स्पेक्ट्रम सुरक्षा: विभिन्न प्रकार के मृदा जनित रोगों पर प्रभावी।
- फफूंद विकास स्तर पर प्रभावी: मायसेलियम और बीजाणु निर्माण चरण पर कार्य करता है।
- फाइटोटॉनिक प्रभाव: जड़ वृद्धि को बढ़ाता है और पौधों की संपूर्ण शक्ति को सुधारता है।
- पर्यावरण अनुकूल: मृदा के लाभकारी जीवाणुओं के लिए सुरक्षित।
- फाइटोटॉक्सिसिटी: अनुशंसित खुराक पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं।
उपयोग एवं लक्ष्य रोग:
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फसलें |
लक्षित रोग |
खुराक / एकड़ |
प्रति लीटर पानी में खुराक |
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मिर्च, दालें, धान, टमाटर, पत्ता गोभी, बैंगन, फूलगोभी, सूरजमुखी, चना |
विल्ट, रूट रॉट, डैम्पिंग ऑफ, शीथ ब्लाइट, कॉलर रॉट, स्टॉक रॉट |
1-2 किग्रा |
5-10 ग्राम |
आवेदन विधि एवं खुराक:
- फोलियर स्प्रे: 5-10 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर शाम के समय पत्तियों के दोनों ओर छिड़काव करें।
- मृदा ड्रेंचिंग: 1-2 किग्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ भूमि में डालें।
- बीज उपचार: 8-10 ग्राम प्रति किग्रा बीज को 50 मिली पानी में मिलाकर अच्छी तरह से कोट करें और छाया में सुखाकर बुवाई करें।
- नर्सरी उपचार: 500 ग्राम को 10 किग्रा जैविक खाद में मिलाकर प्रति एकड़ खेत में डालें।
- बागवानी फसलें: 50-100 ग्राम प्रति पौधा जैविक खाद के साथ मिलाकर जड़ क्षेत्र में डालें।
अतिरिक्त जानकारी:
- भंडारण एवं संभाल: इसे ठंडी, सूखी जगह पर सीधी धूप से दूर रखें।
ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी से सम्बंधित प्रश्न
Q. ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी के मुख्य लक्षित रोग कौन-से हैं?
A. ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी बीज और मिट्टी जनित बीमारियाँ जैसे डैम्पिंग ऑफ, जड़ सड़न, विल्ट और कई अन्य बीमारियों को लक्षित करके अत्यंत प्रभावी रूप से नियंत्रण करता है।
Q. मिर्च में डैम्पिंग ऑफ रोग को नियंत्रित करने के लिए सबसे अच्छी फफूंदनाशी दवाई कौन-सी है?
A. ट्राइकोडर्मा विरिडी अनुशंसित फफूंदनाशी में से एक है जो मिर्च की फसलों में डैम्पिंग ऑफ रोग के खिलाफ नियंत्रण करती है।
Q. ट्राइकोडर्मा विरिडी की क्रिया विधि अन्य फफूंदनाशी से बेहतर क्यों है?
A. ट्राइकोडर्मा विरिडी एंटीफंगल गुणों द्वारा रोगजनक फफूंदी को मारता है और पौधों को फफूंद रोगों के प्रति प्रतिरोधी बनाता है।
Q. ट्राइकोडर्मा विरिडी पाउडर का डोज क्या है?
A. ट्राइकोडर्मा विरिडी का न्यूनतम डोज लगभग 1-2 किलो ग्राम /एकड़ है।
Q. ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी की कीमत क्या है?
A. 1 किलो ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी की कीमत करीब 520 रुपये है।

Is product se meri chawal ki fasal ki upaj bohot badh gayi hai. Main bohot khush hoon.
Iska istemal karne se mitti ki sehat bohot sudhar gayi hai. Ab fasal ki growth bhi acchi hai.
Iska asar bohot hi tez hai. Mere chawal ke khet mein beemari ab nahi hai.
Meri tamatar ki fasal ko bimari se bachane ke liye iska use kiya. Ab fasal ekdum theek hai.
Meri chilli ki nursery ko damping off se bachane ke liye iska use kiya. Ab sab theek hai.





