कात्यायनी NPK 00:52:34 एक विशेष प्रकार का उर्वरक है, जो फूलों, फलों और फसल उत्पादन को बढ़ाने के लिए बनाया गया है। इसमें फॉस्फोरस और पोटाश की उच्च मात्रा होती है, जो पौधों को पोषक तत्व और पानी को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करती है। यह फूलों और फलों की संख्या और आकार को बढ़ाने, सूखा, कीट और रोग के प्रति पौधों की सहनशीलता को बेहतर बनाने और मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता को बनाए रखने में सहायता करता है।

लक्षित कमी
फॉस्फोरस की कमी:
- पौधों की धीमी वृद्धि, कमजोर जड़ें, गहरे हरे पत्तों पर बैंगनी रंग का प्रभाव, कम फूल और फल।
- मिट्टी में फॉस्फोरस की कमी के कारण पौधों में ऊर्जा स्थानांतरण और चयापचय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
पोटाश की कमी:
- पुराने पत्तों का पीला पड़ना, पत्तियों के सिरों का भूरा होना, कमजोर तने, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता और सूखे को सहन करने की क्षमता में कमी।
- पोटाश की कमी से पौधों की मजबूती, पानी का नियंत्रण और समग्र स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
लक्षित फसलें
- अनाज: गेहूं, मक्का, धान आदि।
- मोटे अनाज: बाजरा, ज्वार, रागी, जौ आदि।
- दालें: चना, मसूर, उड़द, मूंग, अरहर, राजमा आदि।
- तेलबीज: मूंगफली, सरसों, नारियल, तिल, अलसी, सूरजमुखी, सोयाबीन, केसरिया आदि।
- फल: केला, पपीता, आम, चीकू, अनार, अमरूद, बेर, सेब, नाशपाती, आड़ू, आलूबुखारा, लोकेट, बादाम, चेरी, अंगूर, अंजीर, खरबूजा, कटहल, आँवला, बेल, शरीफा, फालसा, संतरा, नींबू, कीवी, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, खजूर आदि।
- सब्जियाँ: टमाटर, बैंगन, मिर्च, शिमला मिर्च, भिंडी, मटर, लौकी, खीरा, गोभी, फूलगोभी, सहजन, प्याज, लहसुन, धनिया, मेथी आदि।
- मसाले: जायफल, लौंग, जीरा, दालचीनी, इलायची, करी पत्ता, अदरक, हल्दी।
- फूल: गुलाब, ग्लेडियोलस, गेंदे का फूल, कार्नेशन, गेरबेरा, चमेली आदि।
- रेशा फसल: कपास, जूट।
- चीनी और स्टार्च फसल: गन्ना।

क्रिया विधि
- फॉस्फोरस (52%): फूल और बीज विकास को बढ़ावा देता है।
- पोटाश (34%): सूखा और रोग जैसे तनाव कारकों के प्रति पौधों की सहनशीलता को बढ़ाता है और फसल की गुणवत्ता में सुधार करता है।
- एनपीके 00 52 34 का विशेष फॉर्मूला पौधों की समग्र स्वास्थ्य और उत्पादकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।

संगतता
यह उर्वरक सामान्यतः अधिकतर कीटनाशकों, फफूंदनाशकों और उर्वरकों के साथ संगत होता है। हालांकि, इसे सल्फर, कैल्शियम या सीसा युक्त उत्पादों के साथ नहीं मिलाना चाहिए। अलग-अलग पानी के घोल तैयार करके छिड़काव के समय मिलाएं।
मात्रा
- स्प्रे: 5 ग्राम प्रति लीटर पानी।
- ड्रिप/ड्रेंचिंग: 3-5 किलोग्राम प्रति एकड़।
उपयोग विधि
स्प्रे, ड्रिप और ड्रेंचिंग द्वारा।
लाभ
- फूल और फल बढ़ाना: फूल और फल बनने की प्रक्रिया को तेज करता है।
- फसल उत्पादन बढ़ाना: आवश्यक पोषक तत्वों की संतुलित आपूर्ति से फसल उत्पादन को बढ़ाता है।
- पौधों की सेहत सुधारना: पौधों की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
- पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग: नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है।
- मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना: मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति करके इसकी उर्वरता को बढ़ावा देता है।

विशेष टिप्पणी
यहाँ दी गई जानकारी केवल संदर्भ के लिए है। उत्पाद के पूर्ण विवरण और उपयोग के निर्देशों के लिए हमेशा उत्पाद लेबल और साथ में दिए गए पर्चे को देखें।
सामान्य प्रश्न
Q. NPK 00:52:34 उर्वरक किसके लिए उपयोगी है?
A. यह फूल, फल और फसल उत्पादन को बढ़ाने में सहायक है। इसमें फॉस्फोरस (52%) और पोटाश (34%) की उच्च मात्रा होती है।
Q. यह किन कमियों को दूर करता है?
A. फॉस्फोरस की कमी (कम जड़ वृद्धि, कम फूल/फल) और पोटाश की कमी (पत्तों का पीला होना, कमजोर तने)।
Q. यह किन फसलों के लिए उपयुक्त है?
A. अनाज, सब्जियाँ, फल, दालें, तिलहनी, फूल, मसाले और गन्ना जैसी फसलें।
Q. एनपीके 00 52 34 का उपयोग कैसे करें?
A. स्प्रे के लिए 5 ग्राम प्रति लीटर पानी और ड्रिप/ड्रेंचिंग के लिए 3-5 किलोग्राम प्रति एकड़।
Q. इसे कैसे उपयोग करना चाहिए?
A. स्प्रे, ड्रिप सिंचाई या ड्रेंचिंग द्वारा।
Q. कात्यायनी एनपीके खाद का रेट क्या है?
A. कात्यायनी एनपीके 00 52 34 1kg की कीमत लगभग 514 रुपये है।
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