Katyayani Organics
कात्यायनी टायसन | ट्राइकोडर्मा विरिडी | जैव फफूंदनाशी लिक्विड
कात्यायनी टायसन | ट्राइकोडर्मा विरिडी | जैव फफूंदनाशी लिक्विड
Product Description
उत्पाद के बारे में:
- कात्यायनी टायसन ट्राइकोडर्मा विराइड आधारित जैव फफूंदनाशी है।
- ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंद की कोशिका भित्ति को विघटित कर रोगों को नियंत्रित करता है।
- विल्ट, रॉट, ब्लाइट, डैम्पिंग ऑफ जैसी बीमारियों पर प्रभावी।
- दलहन, मिर्च, धान, अनाज, फल एवं सब्जियों में प्रयोग के लिए उपयुक्त।
तकनीकी विवरण:
- तकनीकी घटक: ट्राइकोडर्मा विराइड लिक्विड
- प्रवेश विधि: संपर्क
- क्रिया विधि: निवारक एवं उपचारात्मक
मुख्य विशेषताएँ एवं लाभ:
- विस्तृत स्पेक्ट्रम सुरक्षा: विभिन्न प्रकार के मिट्टी जनित फफूंद रोगों पर प्रभावी।
- फफूंद वृद्धि के चरण पर प्रभावी: मायसेलियल वृद्धि और बीजाणु निर्माण को रोकता है।
- फाइटोटॉनिक प्रभाव: जड़ वृद्धि को बढ़ाता है और पौधों को स्वस्थ बनाता है।
- पर्यावरण अनुकूल: मृदा के लाभकारी जीवाणुओं के लिए सुरक्षित।
- फाइटोटॉक्सिसिटी: अनुशंसित खुराक पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं।
लक्षित फसलें एवं रोग:
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फसलें |
लक्षित रोग |
खुराक / एकड़ |
प्रति लीटर पानी में खुराक |
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मिर्च, अरहर, दलहन, लोबिया, चना, धान, फूलगोभी, बैंगन, पत्ता गोभी, टमाटर, सूरजमुखी |
विल्ट, रूट रॉट, डैम्पिंग ऑफ, शीथ ब्लाइट, स्टॉक रॉट, कॉलर रॉट, सीडलिंग विल्ट, सीड रॉट |
1-2 लीटर |
5-10 मिली |
ट्राइकोडर्मा विराइड की कार्यप्रणाली:
- प्रतिस्पर्धा: पौधों की जड़ों में स्थान और पोषक तत्वों के लिए हानिकारक फफूंद से प्रतिस्पर्धा करता है।
- प्रतिजीविता: हानिकारक फफूंद को मारने वाले रसायन उत्पन्न करता है।
- परजीवीकरण: फफूंद की कोशिका भित्ति को तोड़कर उसे नष्ट करता है।
- प्रेरित प्रतिरोध: पौधों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बीमारियों से बचाव करता है।
आवेदन विधि एवं खुराक:
- फोलियर स्प्रे: 5-10 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर शाम के समय पत्तियों के दोनों ओर छिड़काव करें।
- मृदा ड्रेंचिंग: 1-2 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ भूमि में डालें।
- बीज उपचार: 8-10 मिली प्रति किग्रा बीज को 50 मिली पानी में मिलाकर अच्छी तरह से कोट करें और छाया में सुखाकर बुवाई करें।
- बीज डिप उपचार: 500 मिली को 50 लीटर पानी में घोलकर 30 मिनट के लिए डुबोएं, फिर रोपाई करें।
- नर्सरी उपचार: 500 मिली को 10 किग्रा जैविक खाद में मिलाकर प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं।
अतिरिक्त जानकारी:
भंडारण एवं संभाल: इसे ठंडी, सूखी जगह पर सीधी धूप से दूर रखें।
ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी से सम्बंधित प्रश्न
Q. ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी के मुख्य लक्षित रोग कौन-से हैं?
ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी बीज और मिट्टी जनित बीमारियाँ जैसे डैम्पिंग ऑफ, जड़ सड़न, विल्ट और कई अन्य बीमारियों को लक्षित करके अत्यंत प्रभावी रूप से नियंत्रण करता है।
Q. मिर्च में डैम्पिंग ऑफ रोग को नियंत्रित करने के लिए सबसे अच्छी फफूंदनाशी दवाई कौन-सी है?
A. ट्राइकोडर्मा विरिडी अनुशंसित फफूंदनाशी में से एक है जो मिर्च की फसलों में डैम्पिंग ऑफ रोग के खिलाफ नियंत्रण करती है।
Q. ट्राइकोडर्मा विरिडी की क्रिया विधि अन्य फफूंदनाशी से बेहतर क्यों है?
A. ट्राइकोडर्मा विरिडी एंटीफंगल गुणों द्वारा रोगजनक फफूंदी को मारता है और पौधों को फफूंद रोगों के प्रति प्रतिरोधी बनाता है।
Q. ट्राइकोडर्मा विरिडी लिक्विड का डोज क्या है?
A. ट्राइकोडर्मा विरिडी का न्यूनतम डोज लगभग 1-2 लीटर एकड़ है।
Q. ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी की कीमत क्या है?
A. 1 लीटर ट्राइकोडर्मा विरिडी फफूंदनाशी की कीमत करीब 487 रुपये है।

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